हिंदी दिवस 2023
14 सितंबर को प्रत्येक वर्ष हिंदी को बढ़ावा देने के लिए पूरे भारत में हिंदी दिवस का आयोजना किया जाता है। इस दिन स्कूलों, कॉलेजों में छात्र हिंदी भाषा के विकास पर भाषण दे कर हिंदी संस्कृति का मान बढ़ाते में अपना योगदान देते है।
हिन्दी दिवस विशेष रूप से हमारी मातृभाषा हिंदी को समर्पित है। 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन वर्ष 1949 में हिंदी को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया गया था।
छात्रों के लिए हिंदी दिवस भाषण के तहत हम छात्रों द्वारा अपने स्कूल कॉलेज में हिंदी दिवस पर भाषण देने का प्रारूप यहां प्रतुत कर रहे हैं। उम्मीद करते हैं यह छात्रों के लिए हिंदी दिवस भाषण आपके कार्यक्रम में उपयोगी साबित होगा
हिंदी दिवस पर भाषण
ननीय प्रधानाचार्य, सम्मानित शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी और मेरे प्यारे दोस्तों, आप सभी को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
मै इस कार्यक्रम की सुरुआत भारतेंदु हरिश्चंद्र द्वारा हिन्दी भाषा के महत्व पर लिखी कविता के इन लाइनों से करना चहता हूँ ।
“निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल
बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।
अंग्रेजी पढ़ि के जदपि, सब गुन होत प्रवीन
पै निज भाषा-ज्ञान बिन, रहत हीन के हीन।
उन्नति पूरी है तबहिं जब घर उन्नति होय
निज शरीर उन्नति किये, रहत मूढ़ सब कोय।”
जैसा की आप सभी जानते हैं हम यहां हिंदी दिवस मनाने के लिए एकत्र हुए हैं। यह हर साल 14 सितंबर को मनाया जाने वाला एक वार्षिक समारोह है। 14 सितंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया गया जिसका वर्णन भारतीय संविधान के भाग 17, अनुच्छेद 343 में किया गया है। तब से 14 सितंबर को प्रत्येक वर्ष हिंदी दिवस और 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है।
इस दिन भारत के हिंदी भाषी राज्यों में बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया जाता है। यद्यपि हिंदी दिवस का उत्सव भारत की सभी केंद्र सरकार की कार्यालयों, स्कूलों और सभी संस्थानों में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के रूप में मनाया जाता है, लेकिन हमारे विद्यालय मे हिंदी दिवस एक विशेष उत्साह के साथ मनाता है। यह मूल रूप से दुनिया भर में हिंदी भाषा की संस्कृति को बढ़ावा देने और फैलाने के लिए मनाया जाता है।
हिंदी भाषा दुनिया की तीसरी सबसे लोकप्रिय भाषा होने के बावजूद, हिंदी आज देशी हिंदी भाषी क्षेत्रों में अंग्रेजी के बड़े उपयोग के कारण विलुप्त होने का सामना कर रही है। अंग्रेजी के मुकाबले हिंदी की घटती लोकप्रियता के कारण इसे बढ़ावा देने की जरूरत बढ़ी है। अंग्रेजी भाषा की तीव्र एवं व्यापक स्वीकार्यता से हम सभी भलीभांति परिचित हैं। आज स्कूलों में हिंदी केवल एक विषय बनकर रह गई है जहां बाकी सारे काम अंग्रेजी में होते हैं। यहां तक की चाहे सरकारी हो या निजी, कार्यालयों में भी स्थिति अलग नहीं है।
मैं आपको बताना चाहता हूँ कि अंग्रेजी और मंदारिन चीनी के बाद हिंदी विश्व में तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। एक आंकड़ों के अनुसार, लगभग 1.132 बिलियन लोग अंग्रेजी बोलते हैं, 1.116 बिलियन लोग चीनी बोलते हैं और 615.4 मिलियन लोग हिंदी बोलते हैं।
अपनी मातृभाषा के प्रति हमारा दायित्व है कि हम उसे विलुप्त होने से बचायें। इसके लिए हमें हरसंभव तरीके से हिंदी को बढ़ावा देना होगा। तथा जहाँ तक हो सकता है वहां तक अधिक से अधिक हिंदी भाषा का प्रयोग तथा उसका प्रचार करे मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि हिंदी में बोलें, सभी लिखित संचार हिंदी में करें।
अंग्रेजी और अन्य विषयों जैसे गणित और विज्ञान जैसे बिषय को अनदेखा न करते हुए हमें हिंदी भाषा पर भी विशेष जोर देना चाहिए, क्योंकि हमें लगता है कि हिंदी भारतीय एकता का प्रतिनिधित्व करती है और हमारी राष्ट्रीय भाषा भी है।
आप सभी को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
----- धन्यवाद

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