सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

राजभाषा, राष्ट्रभाषा हिंदी की संवैधानिक स्थिति

राजभाषा, राष्ट्रभाषा हिंदी की

संवैधानिक स्थिति

हमारे देश में 14 सितंबर को हिन्दी  दिवस के रूप में मनाया जाता है संविधान द्वारा स्वीकृत सरकारी कामकाज की भाषा राष्ट्रभाषा कहलाती है राष्ट्रभाषा का प्रावधान संविधान की धारा 343 से 351 के अनुच्छेद में उल्लेखित है हिंदी भारत के अनुच्छेद 343 में संघ की राज्य भाषा के रूप में हिंदी व देवनागरी को लिपी के रूप में मान्यता मिली है हमारे देश के संविधान ने 14 सितंबर 1949 को हिंदी को मान्यता दी गयी इसी कारण 14 सितंबर को प्रतिवर्ष हिंदी दिवस मनाया जाता है 

अनुच्छेद 120 के अनुसार संसद का कार्य हिंदी या अंग्रेजी में होगा अनुच्छेद 210 के अनुसार प्रान्तों के राज्य विधानमंडलों का कार्य राज्य की राजभाषा में या हिंदी/अंग्रेजी में होगा


 राज भाषा आयोग 1955 हमारे देश के राष्ट्रपति ने राजभाषा आयोग की नियुक्ति की थी जिसके 21 सदस्य थे इस आयोग की कुछ महत्वपूर्ण सुझाव निम्नलिखित है जो इस प्रकार हैं --


  1. किन्ही मामलों में अंग्रेजी भाषा का ज्ञान आवश्यक होते हुए भी सार्वजनिक क्षेत्र में विदेशी भाषा का व्यवहार उचित नहीं है।
  2. हिंदी सर्वाधिक बोली व समझी जाने वाली भाषा है यही संपूर्ण भारत का एक माध्यम है।
  3. 14 वर्ष की उम्र तक भारत के प्रत्येक छात्र को हिंदी का ज्ञान करा देना चाहिए।
  4. हिंदी क्षेत्र के विद्यार्थियों को एक और भाषा विशेषतः दक्षिण भारत की भाषा अनिवार्य रूप से सीखनी चाहिए।
  5. भारत सरकार के प्रकाशन अधिक से अधिक हिंदी में हो।
  6. सांसद व विधानमंडलो में हिंदी और प्रादेशिक भाषाओं का व्यवहार होना चाहिए।
  7. प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी का एक अनिवार्य प्रश्न पत्र रखना चाहिए।
  8. भारत की भाषा में निकटतम लाने की व्यवस्था करनी चाहिए भारत की भाषाओं में निकटता लाने की व्यवस्था करनी चाहिए।


राज्य भाषा हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करने के लिए हमें महत्वपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता है अन्यथा हमारी राजभाषा हिंदी के ऊपर गहरा संकट आ जायेगा इसलिये हमें ऊपर कही गयी बातो विचार करना चाहिए तथा सरकार और इस देश के लोगों को इस बात पर अमल करनी चाहिए 


 आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भारतीय त्यौहार

भारतीय त्यौहार: परंपरा और संस्कृति का उत्सव भारत, जो अपनी समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, असंख्य त्योहारों का घर है जो बड़े उत्साह और उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। ये त्यौहार देश की जीवंत परंपराओं की झलक प्रदान करते हैं और विविधता में एकता का प्रदर्शन करते हैं। धार्मिक अवसरों से लेकर फसल उत्सवों तक, प्रत्येक उत्सव का अपना अनूठा महत्व और आकर्षण होता है। आइए भारतीय त्योहारों की जादुई दुनिया में उतरें और उनकी सुंदरता का पता लगाएं। भारतीय त्यौहारों का सार भारतीय त्यौहार महज़ उत्सवों से कहीं अधिक हैं; वे देश की गहरी जड़ों वाली परंपराओं और रीति-रिवाजों का प्रतिबिंब हैं। ये त्योहार लोगों को एक साथ लाते हैं, समुदायों के बीच एकता और अपनेपन की भावना को बढ़ावा देते हैं। चाहे वह दिवाली के दौरान दीयों की रोशनी हो या रंगीन होली की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान, ये उत्सव के क्षण स्थायी यादें बनाते हैं। रोशनी का त्योहार: दिवाली दिवाली, जिसे रोशनी के त्योहार के रूप में भी जाना जाता है, भारत में सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्...

रक्षाबंधन त्यौहार

  रक्षा बंधन    जिसे आमतौर पर राखी के नाम से जाना जाता है, एक प्रिय हिंदू त्योहार है जो भाई-बहनों के बीच का अनूठा पर्व है  "रक्षा बंधन" शब्द दो संस्कृत शब्दों से लिया गया है: "रक्षा," जिसका अर्थ है सुरक्षा, और "बंधन," जिसका अर्थ है बाँधना। इसलिए, यह त्योहार "सुरक्षा की गाँठ या बंधन" का प्रतीक है।  रक्षा बंधन के दौरान, बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी नामक एक पवित्र धागा बाँधती हैं, जो उनके भाइयों की भलाई के लिए उनके प्यार और प्रार्थना का प्रतीक है। बदले में, भाई जीवन भर अपनी बहनों की रक्षा और समर्थन करने का वचन देते हैं। प्रेम और कर्तव्य का यह उत्सव सिर्फ़ रक्त संबंधों तक ही सीमित नहीं है; यह चचेरे भाई-बहनों, बहनों और भाभी, चाची (बुआ), भतीजे (भतीजा) और अन्य करीबी रिश्तों के बीच भी मनाया जाता है।  धार्मिक महत्व  रक्षा बंधन, मुख्य रूप से एक हिंदू त्योहार है, जिसे धार्मिक सीमाओं को पार करते हुए पूरे भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। जबकि इसकी उत्पत्ति हिंदू परंपराओं में निहित है, इसका सार प्रेम, सुरक्षा और पारिवारिक बंधन है जो विभिन्न धर्म...

रक्षाबंधन त्यौहार भाई बहन का एक अटूट प्रेम

रक्षाबंधन त्यौहार भाई बहन का एक अटूट प्रेम   खुश किस्मत होती है वो बहन.. जिसके सर पर भाई का हाथ होता है, हर परेशानी में उसके साथ होता है.. साथी झगड़ा फिर प्यार से मनाना.. तभी तो इस रिश्ते में इतना प्यार होता है आपके साथ एक भाई का होना आपके जीवन में सौभाग्य आने जैसा है। भाई वह होता है जो हमेशा आपका साथ देता है और आपकी रक्षा करता है, हर चुनौती में आपके साथ खड़ा रहता है। यह खूबसूरत बंधन प्यार, झगड़े और मेल-मिलाप से भरा है। यह एक ऐसा रिश्ता है जिसे संजोया और महत्व दिया जाता है। इस लेख में, हम भाई और बहन के बीच के रिश्ते के महत्व और विशेष गुणों का पता लगाएंगे। अटूट बंधन भाई-बहन का रिश्ता वाकई अटूट होता है। यह एक अनोखा रिश्ता है जो प्यार, विश्वास और साझा अनुभवों पर बना है। बचपन से लेकर वयस्क होने तक, भाई-बहन एक साथ बड़े होते हैं और सीखते हैं, जिससे ऐसी यादें बनती हैं जो जीवन भर याद रहती हैं। चाहे वह एक साथ खेलना हो, रहस्य साझा करना हो, या भावनात्मक समर्थन प्रदान करना हो, भाई और बहन हमेशा एक-दूसरे के लिए मौजूद रहते हैं। झुकने के लिए एक कंधा बहन के जीवन में भाई की उपस्थिति कठिन समय मे...