दशहरा 2023
बंगाल में या त्योहार दुर्गा पूजा के रूप में अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है प्रॉब्लम की एक कथा के अनुसार महिषासुर नामक राक्षस के अत्याचारी से जब संपूर्ण पृथ्वी त्राहि त्राहि कर उठी तो मां दुर्गा ने उसके साथ 9 दिन तक घोर युद्ध किया उसके बाद दसवें दिन उन्होंने महिषासुर को मार गिराया इसीलिए 9 दिन तक नवरात्रि पूजा होती है और दसवें दिन दुर्गा की प्रतिमा को नदी या समुद्र में विसर्जित किया जाता है
दशहरे से कुछ दिन पूर्व से ही उत्तर भारत में स्थान स्थान पर रामलीला का आयोजन किया जाता है दशहरे वाले दिन मनोहरी झांकियां निकली जाती है इस अवसर पर मेघनाथ कुंभकरण तथा रावण के पुतले बनाए जाते हैं श्याम के समय भगवान राम के स्वरूप द्वारा इन पुतलों में आग लगाई जाती है इस उत्सव को देखने के लिए अपार्जन समूह उमड पड़ता है पुतलो में अतिशय बाजियां भी भरी रहती है इसमें जोड़-जोड़ के धमाके होते हैं इसी दिन क्षत्रिय लोग अपने-अपने शास्त्रों का पूजा भी करते हैं
विजयदशमी का त्योहार अनेक दृष्टियों से महत्वपूर्ण है या त्योहार हमें या संदेश देता है कि धर्म की अधर्म पर सदा विजय होती है श्री राम की रावण पर विजय अधर्म पर न्याय की विजय थी त्यौहार हमें धर्म मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा देता है भारत की संस्कृति में त्योहारों का विशेष महत्व है हमें चाहिए कि हम प्रत्येक त्यौहार को हर्ष और उल्लास के साथ मनाये तथा उससे कुछ प्रेरणा ले और आगे बढ़े
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें