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नवरात्रि का त्यौहार क्यों मनाया जाता है ।

 नवरात्रि का त्यौहार क्यों मनाया जाता है । नवरात्रि, जिसका अर्थ है " नौ रातें",का त्यौहार भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है। यह त्यौहार बहुत महत्व रखता है क्योंकि यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस त्यौहार को हिंदुओं द्वारा बहुत उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। आज हम नवरात्रि मनाने के पीछे के कारणों के बारे में गहराई से जानेंगे पौराणिक महत्व नवरात्रि की जड़ें प्राचीन हिंदू पौराणिक कथाओं और लोककथाओं में हैं। यह त्यौहार भैंस राक्षस महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान देवी दुर्गा के विभिन्न नौ रूपों की पूजा की जाती है। प्रत्येक दिन देवी की एक विशेष अभिव्यक्ति, जैसे शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा और सिद्धिदात्री को समर्पित है। यह उत्सव दसवें दिन विजयादशमी के साथ समाप्त होता है, जो राक्षस राजा रावण पर भगवान राम की जीत का प्रतीक है। आध्यात्मिक महत्व अपनी पौराणिक जड़ों के अलावा, नवरात्रि का अत्यधिक आध्यात्मिक महत्...

राजभाषा, राष्ट्रभाषा हिंदी की संवैधानिक स्थिति

राजभाषा, राष्ट्रभाषा हिंदी की संवैधानिक स्थिति हमारे देश में 14 सितंबर को हिन्दी  दिवस के रूप में मनाया जाता है संविधान द्वारा स्वीकृत सरकारी कामकाज की भाषा राष्ट्रभाषा कहलाती है राष्ट्रभाषा का प्रावधान संविधान की धारा 343 से 351 के अनुच्छेद में उल्लेखित है हिंदी भारत के अनुच्छेद 343 में संघ की राज्य भाषा के रूप में हिंदी व देवनागरी को लिपी के रूप में मान्यता मिली है हमारे देश के संविधान ने 14 सितंबर 1949 को हिंदी को मान्यता दी गयी इसी कारण 14 सितंबर को प्रतिवर्ष हिंदी दिवस मनाया जाता है  अनुच्छेद 120 के अनुसार संसद का कार्य हिंदी या अंग्रेजी में होगा अनुच्छेद 210 के अनुसार प्रान्तों के राज्य विधानमंडलों का कार्य राज्य की राजभाषा में या हिंदी/अंग्रेजी में होगा   राज भाषा आयोग 1955 हमारे देश के राष्ट्रपति ने राजभाषा आयोग की नियुक्ति की थी जिसके 21 सदस्य थे इस आयोग की कुछ महत्वपूर्ण सुझाव निम्नलिखित है जो इस प्रकार हैं -- किन्ही मामलों में अंग्रेजी भाषा का ज्ञान आवश्यक होते हुए भी सार्वजनिक क्षेत्र में विदेशी भाषा का व्यवहार उचित नहीं है। हिंदी सर्वाधिक बोली व समझी जाने वा...

गणेश चतुर्थी

 गणेश चतुर्थी 2023 इस वर्ष गणेश चतुर्थी का त्यौहार 19 सितम्बर को मनाया जायेगा गणेश चतुर्थी क्यों मनाया जाता है  गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी का जन्म हुआ था इसलिए यह त्यौहार मनाया जाता है। भगवान गणेश को ज्ञान एवं समृद्धि का देवता माना जाता है  गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है यह हिंदू धर्म के सर्वश्रेष्ठ त्योहारों में से एक है जिस दिन हम गणेश भगवान की पूजा करते हैं वैसे तो गणेश भगवान की पूजा लोग पंडालों मे 10 दिन तक करते है लेकिन कुछ लोग 1 3 5 7 दिन के लिए पंडाल लगाकर बप्पा जी की पूजा करते हैं । गणेश शब्द का अर्थ  गणेश शब्द का अर्थ होता है जो समस्त जीव के ईश अर्थात् स्वामी हो। गणेश जी को विनायक भी कहते हैं। विनायक शब्द का अर्थ है विशिष्ट नायक। भगवान गणेश हिन्दू धर्म में सबसे ज्यादा पूजे जाने वाले देवता मे से एक है । गणेश चतुर्थी पर लोग पूरी भक्ति और श्रद्धा से ज्ञान और समृद्धि के देवता की पूजा करते हैं। भगवान गणेश को बुद्धि का देवता माना जाता है। हिंदू धर्म में किसी भी नए कार्य को प्रारंभ करने से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता ह...
हिंदी दिवस 2023 14 सितंबर को प्रत्येक वर्ष हिंदी को बढ़ावा देने के लिए पूरे भारत में हिंदी दिवस का आयोजना किया जाता है। इस दिन स्कूलों, कॉलेजों में छात्र हिंदी भाषा के विकास पर भाषण दे कर हिंदी संस्कृति का मान बढ़ाते में अपना योगदान देते है। हिन्दी दिवस विशेष रूप से हमारी मातृभाषा हिंदी को समर्पित है। 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन वर्ष 1949 में हिंदी को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया गया था।  छात्रों के लिए हिंदी दिवस भाषण के तहत हम छात्रों द्वारा अपने स्कूल कॉलेज में हिंदी दिवस पर भाषण देने का प्रारूप यहां प्रतुत कर रहे हैं। उम्मीद करते हैं यह छात्रों के लिए हिंदी दिवस भाषण आपके कार्यक्रम में उपयोगी साबित होगा हिंदी दिवस पर भाषण  ननीय प्रधानाचार्य, सम्मानित शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी और मेरे प्यारे दोस्तों, आप सभी को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।  मै इस कार्यक्रम की सुरुआत भारतेंदु हरिश्चंद्र द्वारा हिन्दी भाषा के महत्व पर लिखी कविता के इन लाइनों से करना चहता हूँ । “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल बिन निज भाषा-ज...

दीपावली त्यौहार कब है

दीपावली का त्यौहार कब है  हिंदू धर्म का सर्वाधिक लोकप्रिय त्यौहार दिवाली इस साल 12 नवंबर 2023 को है दीपावली का त्यौहार साल कार्तिक माह की अमावस को मनाई जाती है दीपावली के दिन माता लक्ष्मी और गणेश भगवान की पूजा की जाती है । शुभ मुहूर्त  इस बार दीपावली 6:11 से रात 8:15 तक रहेगा अमावस्या तिथि 12 नवंबर को दोबारा 2:44 से शुरू होगा तथा 23 नवंबर 2023 को दोपहर 2:56 पर समाप्त होगा । क्यों मनाया जाता है दीपावली का त्यौहार प्राचीन हिंदू पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि भगवान विष्णु के सातवें अवतार में भगवान राम रक्षा राज रावण को हराने के बाद अपने स्वदेश अयोध्या लौटे थे इस खुशी में अयोध्या के लोग भगवान विष्णु के अवतार राम के स्वागत करने के लिए संपूर्ण अयोध्या को दीप तथा रंगोली से सजाया था और उनका भव्य स्वागत किया ऐसा माना जाता है कि यह घटना हिंदुस्तान में अमावस के दिन घटित हुआ था इसी कारण इस दिन दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है ।

टीचर डे क्यों मनाया जाता है इसके पीछे का इतिहास और महत्व क्या है

टीचर डे क्यों मनाया जाता है इसके पीछे का इतिहास और महत्व क्या है   5 सितंबर को भारत में हर वर्ष शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है शिक्षक दिवस के दिन स्कूलों में अनेक प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किया जाता है टीचर्स डे 2023 5 सितंबर को प्रतिवर्ष भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है देश के पहले उपराष्ट्रपति पूर्व राष्ट्रपति विद्वान दार्शनिक व भारत रत्न से विभूषित डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन की उपलक्ष्य में शिक्षक दिवस मनाया जाता है डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म आज ही के दिन 5 सितंबर 1888 में हुआ था  प्रथम बार शिक्षक दिवस, 5 सितंबर, 1962 को डॉ. राधाकृष्णन के 77वें जन्मदिन पर मनाया गया था । टीचर्स डे का इतिहास  शिक्षक दिवस मनाने के पीछे का इतिहास यह है कि आज ही के दिन भारत के महान व्यक्ति विद्वान प्रथम उपराष्ट्रपति एवं राष्ट्रपति तथा एक सुप्रसिद्ध अध्यापक डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 1888 में हुआ था जो बच्चों से बहुत स्नेह एवं प्रेम करते थे इसलिए आज ही के दिन यानी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है टीचर्स डे का महत्व   गुरु क...

कृष्ण जन्माष्टमी त्यौहार क्यों मनाया जाता है ।

कृष्ण जन्माष्टमी त्यौहार कब मनाया जाता है । श्री कृष्ण की जन्म के बारे में माना जाता है कि भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन माता देवकी की आठवीं संतान के रूप में जेल में उनका जन्म हुआ था श्री कृष्णा अपनी माता-पिता की आठवीं संतान थे भगवान कृष्ण कंस के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए धरती पर अवतार लिया  इसके अनुसार मान्य है कि हर साल भाद्रपद के दिन कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कृष्ण जन्मअष्टमी मनायी जाती है कृष्ण के जन्माष्टमी को लोगों द्वारा बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है तथा उनका पूजा पाठ और अर्चना की जाती है श्री कृष्ण जन्माष्टमी या एक हिंदू वार्षिक त्यौहार है भगवान विष्णु के दसवां अवतारों में से यह श्री कृष्ण जन्म आठवां अवतार है कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार मध्य रात्रि को मनाया जाता है यह एक हिंदू का बहुत ही प्रसिद्ध त्योहार में से एक है जिसे खास कर हिंदू जनता के द्वारा बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है 1, श्री कृष्ण भगवान विष्णु जी के अवतार हैं जो तीनों लोगों के स्वामी है भगवान कृष्ण में वह सभी गुण उपस्थित है जो तीनों लोकों के स्वामी भगवान विष्णु में है  2, कृष्ण...

रक्षाबंधन त्यौहार 30 को है या 31 को

 रक्षाबंधन 2023 -                    इस साल रक्षाबंधन पर भद्रा काल लगने वाला है, जिसके चलते त्योहार की तारीख को लेकर बड़ा कन्फ्यूजनफैल गया है. ज्योतिष का कहना है कि रक्षाबंधन का त्योहार 31और 30 अगस्त दोनों दिन मनाया जाएगा. लेकिन 31और 30 अगस्त दोनों ही दिन बहनों को भद्रा काल को ध्यान में रखते हुए भाई को कलाई  बांधने का समय निकालना होगा.  रक्षाबंधन की डेट पर कन्फ्यूजन अब नही रहेगा जानें कब है राखी का त्यौहार कल या परसो            रक्षाबंधन भाई-बहन के असीम रिश्ते में प्यार और दुलार भरने वाला त्यौहार है. रक्षाबंधन हर साल श्रावण शुक्ल की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इस साल रक्षाबंधन पर भद्रा काल लगने वाला है, जिसके चलते त्योहार की तारीख को लेकर बड़ा कन्फ्यूजन फैल गया है. कोई 31 अगस्त तो कोई 30 अगस्त को राखी का त्योहार मनाने की बात कर रहा है. चलो आज ये सारी कन्फ्यूजन दूर करते हुए आपको रक्षाबंधन की सही तारीख और भद्रा काल के समय के बारे में बताते हैं. सावन पूर्णिमा तिथि  रक्षाबंधन का त्योहार स...

हैप्पी रक्षाबंधन शायरी 2024

   रक्षा बंधन, जिसे राखी के नाम से भी जाना जाता है, एक खुशी का त्योहार है जो भाइयों और बहनों के बीच प्यार के बंधन का जश्न मनाता है। यह वह समय है जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर एक पवित्र धागा, जिसे राखी कहते हैं, बांधती हैं, जो उनके प्यार और सुरक्षा का प्रतीक है।   रक्षाबंधन का शाब्दिक अर्थ        र = रक्षा करना बहन की        क्षा=क्षमा करना बहन को        बं =  बंधन से मुक्त करना बहन को        ध = ध्यान रखना बहन का        न = नही भूलना बहन को  ना लड़की की इंकार से  ना चप्पलों की बौछार से लड़के सुधरेंगे तो सिर्फ  राखी के त्योहार से  हैप्पी रक्षाबंधन भाई बहन का रिश्ता खास होता है, यह खून के रिश्तो का नहीं है, प्रेम का मोहताज होता है..! रक्षाबंधन की शुभकामनाएं मिट्टी की सुंगंध रिमझिम फुहार लाया है ये सावन और राखी का त्यौहार आया है जिस धागे से बंधा है हमारा ये रिश्ता उस के धागे के रूप में बहन का प्यार आया है। न धन दौलत न व्यापार चाहिए, बस तुमसे इज्...

रक्षाबंधन पर निबन्ध

 रक्षाबंधन निबन्ध: A Celebration of Sibling Love रक्षाबंधन, जो पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाने वाला एक पर्व है। यह पर्व भाई-बहन के प्यार और सम्मान का प्रतीक है, जो एक दूसरे के प्रति विशेष प्रेम व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। यह त्योहार हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस निबंध में हम रक्षाबंधन के महत्व, परंपरा और इसकी महत्वाकांक्षा के बारे में विस्तार से जानेंगे। रक्षाबंधन का महत्व रक्षाबंधन एक ऐसा त्योहार है जिसे भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है, जिसका अर्थ होता है कि वह अपने भाई की सुरक्षा का वचन देती है। उसके बदले में भाई बहन को उपहार देते हैं और वचन देते हैं कि वे हमेशा उनका साथ देंगे और उनकी हर मुसीबत में सहायता करेंगे। इस त्योहार में भाई-बहन के प्रेम और सम्मान की एक अद्वितीय भावना होती है, जो उनके रिश्ते को मजबूत बनाती है। रक्षाबंधन की परंपरा रक्षाबंधन की परंपरा अनेक सदियों से चली आ रही है। पुराने समय में, यह पर्व राजा-महाराजाओं के बीच भी मनाया जाता था। यह उनके बीच मित्रता और सद्भाव की भावना को मजबूत...